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ईरान की जंग से पतली बांग्लादेश की हालत! इंडस्ट्री को झटका लगने से गिरी ग्रोथ, आंकड़ों से समझिए पड़ोसी का संकट

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 10, 2026 02:17 pm IST,  Updated : May 10, 2026 03:14 pm IST

Iran War की आग अब बांग्लादेश की Economy तक पहुंच गई है, जहां ईंधन की समस्या और बढ़ती महंगाई, पब्लिक से लेकर बड़े उद्योगों तक दबाव बढ़ा रही है। रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री के गिरते प्रोडक्शन और बढ़ते खर्च से बांग्लादेश को ग्रोथ कम होने डर सता रहा है।

Bangladesh economy slowdown- India TV Hindi
पश्चिम एशिया में जारी जंग के चलते बांग्लादेश में आर्थिक संकट बढ़ रहा है। Image Source : AP (प्रतीकात्मक फोटो)

Middle East War का प्रभाव अब Bangladesh Economy पर भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है। ईंधन की समस्या, धीमी औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती लागत ने बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। खासतौर पर ऊर्जा आयात पर निर्भर बांग्लादेश में स्थिति ऐसे बन गई है कि आम पब्लिक से बड़ी इंडस्ट्री तक सभी दबाव झेल रहे हैं।

सब्सिडी पर खर्च करनी पड़ रही भारी रकम

बांग्लादेश की सरकार पर इस संकट से इकोनॉमिक प्रेशर लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि गैस की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो अप्रैल से लेकर जून की तिमाही में LNG सब्सिडी पर बांग्लादेश की सरकार को अतिरिक्त 1.07 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 10 हजार करोड़ भारतीय रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ सकते हैं। स्थिति को संभालने के लिए बांग्लादेश सरकार ने बिजली की बचत और ईंधन राशनिंग जैसे स्टेप लिए हैं। खाद फैक्ट्रियां बंद कर गैस को बिजली संयंत्रों की तरफ मोड़ा गया है, जबकि शॉपिंग मॉल्स के खुलने के वक्त में भी कटौती हुई है।

वर्ल्ड बैंक ने जताया ग्रोथ रेट घटने का अनुमान

वर्ल्ड बैंक ने भी चेताते हुए कहा है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में बांग्लादेश की Economic Growth Rate घटकर 3.9 फीसदी रह सकती है, जिसके पहले 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था। एनर्जी सब्सिडी और बढ़ती महंगाई से सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है।

रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री का घट गया प्रोडक्शन

इस बीच, सबसे बड़ा प्रभाव बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री पर पड़ा है, जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। उद्योग संगठन के मुताबिक, फैक्ट्रियों का प्रोडक्शन 30 से 40 फीसदी तक घट गया है, जबकि अमेरिका और यूरोप को होने वाले एक्सपोर्ट में 5 से 13 प्रतिशत तक गिरावट आई है। कारोबारियों को डर लग रहा है कि यदि युद्ध लंबा चला तो भारत, कंबोडिया और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देश मार्केट में उनसे हिस्सेदारी छीन सकते हैं।

बढ़ रही ईंधन की समस्या

राजधानी ढाका के निवासी 53 साल के तारिकुल इस्लाम, जो पहले कपड़ों का बिजनेस करते थे, अब परिवार चलाने के लिए बाइक राइड-शेयरिंग का काम करने को मजबूर हैं। लेकिन ईंधन की समस्या की वजह से उन्हें घंटों तक पेट्रोल लेने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, अब एक दिन पेट्रोल खरीदने में बीत जाता है और 2 दिन ही वह अपनी बाइक चला पाते हैं, जिससे उनकी आमदनी पर बुरी असर पड़ा है।

(इनपुट- AP)

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